Nainital में घूमने की 10 शानदार जगहें | Nainital Tourist Places 2025 Guide

  

   नैनीताल यात्रा। NAINITAL TRIP IN HINDI 


   पर्यटन स्थल। NAINITAL TOURIST PLACE IN HINDI  



नैनीताल यात्रा। NAINITAL TRIP IN HINDI

 नैनीताल यात्रा। NAINITAL TRIP IN HINDI



नैनीताल भारत के उत्तराखंड का वो शहर है जिसे झीलों का शहर भी कहा जाता है क्यूंकि यहाँ एक नहीं दो नहीं बल्कि किसी समय में यहाँ 50 से ज्यादा झीलें हुआ करती थीं कुछ झीलों ने मानव संसाधनों के चलते अपना अस्तित्व खो दिया तो वही कुछ झीलें प्राकृतिक रूप से अपना अस्तित्व समय के साथ बर्करार नहीं रख सकीं। वर्तमान में सात  झीलें हैं और Nainital की खास बातों में एक और खास बात ये है की Nainital चारों दिशाओं से घने जंगलों से और 7 पर्वतो के बीच में बसा हुआ हैं। 

अगर आप नैनीताल जाना चाहतें हैं और पहली बार जा रहे हैं तो आपसे वादा करता हूँ की आप दुबारा भी जल्द जाने वाले हो जी हाँ में दुबारा जाने की बात कर रहा हूँ इसके पीछे बहुत बड़ी वजह है लेकिन में आपको इसके पीछे की वजह कहाँ से बताना शुरू करूँ,Nainital की सुंदरता से या फिर नैनीताल के इतिहास से क्यूंकि इन दोनों के बारे में जानकर आप नैनीताल जरूर जाना चाहोगे। 

नैनीताल यात्रा। NAINITAL TRIP IN HINDI
NAINITAL LAKE



सुंदरता से शुरू करतें हैं नैनीताल की सुंदरता Nainital में प्रवेश करते ही दिखना शुरू हो जाती है Nainital की सुंदरता यहाँ के घने जंगलों से शुरू होती हैं जैसे -जैसे आप आगे की ओर बढ़ते जाओगे जंगल और घने होते जायेंगे ठंडा वातावरण और ठंडी हवाएं आपको महसूस होना शुरू हो जाएगी। नैनीताल की खास बातों में ये जंगल बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं नैनीताल की सुंदरता के बारे में सबसे पहले सन 1841 में शाहंजापुर के श्री पी.बैरन को पता चला था जो नैनीताल के कमाऊँ मंडल में घूमते हुए अचानक यहाँ पहुँच गए थे फिर उन्होंने यहाँ पर अपना एक घर बनवाया जो पिलग्रिम कॉटेज के नाम से जाना जाने लगा। उसी समय से लेकर अब तक पूरी दुनिया के पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया नैनीताल नें  


नैनीताल जिसे नयन ताल भी कहा जाता है इसे नयन ताल क्यों कहा जाता है वो आगे बतायूंगा , नैनीताल को जिन 7 पर्वतों ने घेरा हुआ हैं वो हैं आयर पात , देव पात ,हाड़ीवादी , आलम , लरिया काँटा , शेर का डांडा और चीना पींक। इस सातों पर्वतों में से चीना पीक बहुत खास है क्यूंकि अगर पूरा नैनीताल कहीं से दिखाई देता है तो वो हैं चीना पर्वत इस पर्वत की ऊँचाई 8570 फुट है। 


झीलें ,नैनीताल। NAINITAL LAKE IN HINDI  

अब आपको बताता हूँ नैनीताल की उन झीलों के बारे में जिनका अस्तित्व वर्तमान में बर्करार है और जहाँ आपको जरूर चाहिए। 

झीलें ,नैनीताल। NAINITAL LAKE IN HINDI
NAINI LAKE



1. नैनी ताल ।NAINITAL : इस झील को चारों तरफ से ऊँचे ऊँचे सात पहाड़ों  घिरी हुई है इस झील को स्कंदपुराण में त्रि -ऋषि सरोवर भी कहा गया है इस झील के उत्तरी हिस्से को मल्लीताल और दक्षिण हिस्से को तल्लीताल भी कहा जाता है यहाँ सबसे ज्यादा झीलें होने के कारण नैनीताल को झीलों की नगरी और सरोवर नगरी के नाम से भी जाना जाता है। 

2. भीमताल। BHIMTAL : भीम ताल इस जगह की सबसे बड़ी झील है इसका आकार त्रिभुजा कार है इस झील के बीच में एक छोटा टापू है जहाँ मछली  घर है और इसका रंग गहरा नीला है। 

3. नौकुचियाताल । NAUKUCHIATAL : नौकुचियाताल यहाँ 9 कोनो की और यहाँ की सबसे गहरी ताल के लिए प्रसिद्ध है।

4. सात ताल। SATTAL : ये ताल यहाँ का सबसे सुन्दर ताल हैं इस ताल की खास बात ये है यहाँ एक समय 7 झीलें हुआ करती थीं लेकिन उनमे से वर्तमान में कई सुख गयीं। 


5. गरुड ताल। GARUR TAL : इस ताल के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ पर पांडवो ने अपने वनवास का कुछ समय बिताया था और इस जगह द्रोपती ने अपनी रसोई बनाई थी क्यूंकि यहाँ पर द्रोपती के उपयोग किये हुए सिल बट्टा पत्थर के रूप में रखे हुए हैं। 

6. खुर्पा ताल। KHURPA TAL : ये ताल तीन पहाड़ियों से घिरा हुआ है इसका जो आकार है वो किसी जानवर के  पैरों के खुर के जैसे है और इस ताल का रंग मटमैला वजह से गहरा हरा दिखाई देता है इसीलिए इसे खुर्पा ताल कहते हैं। 

7. नल दमयंती ताल। NAL DAMYANTI TAL : पौराणिक कथाओ के अनुसार ये ताल किसी समय पर बहुत बड़ी हुआ करती थी यहाँ के आस पास के जंगल बहुत घने हुए करते थे जो समय के साथ साथ ख़त्म होते जा रहे है मानव संसाधनो के लिए। इस ताल का नाम नल दमयंती ताल इसलिए पड़ा क्यूंकि इनकी समाधि यही बन गयी थी। और एक छोटा रहस्य है इस ताल के बारे मैं जो आपको वहाँ जाकर ही जानना चाहिए वहाँ के स्थानीय लोगो से।  

मेने  नैनीताल की सुंदरता के बारे सिर्फ कुछ अंश ही बता पाया हु में नैनीताल की सुंदरता को शब्दों में बंया नहीं कर सकता हूँ नैनीताल की सुंदरता का अनुभव लेने के लिए आपको जरूर जाना चाहिए। ये बात हुई नैनीताल की सुंदरता की अब में आप लोगों नैनताल के इतिहास से अभिगत करायूंगा। 


झीलें ,नैनीताल। NAINITAL LAKE IN HINDI
NAINITAL LAKE




नैनीताल का इतिहास। HISTORY OF NAINITAL IN HINDI 

हिन्दू  धर्म में पौराणिक कथाओं के अनुसार नैनीताल की नैनी झील का निर्माण पुलह और पुलस्य ऋषियों ने किया था।  नैनीताल को नयन ताल इस लिए कहा जाता है क्यूंकि एक पौराणिक गाथा के अनुसार जब माता सती के पिता ( प्रजापति दक्ष ) द्वारा आयोजित यज्ञ मैं उनको और उनके पति 'भगवान शिव' को न बुलाना  फिर उस यज्ञ में वहाँ बिना बुलाये जाना फिर अपने पति का अपमान होता देख अपने आप को योगाग्नि मैं दहन कर लेना उसके बाद प्रजापति दक्ष को दंड मिलने के बाद भगवान् शिव माता सती को उस यज्ञ से लेकर चले जाना फिर भगवन विष्णु ने अपने सुदर्शन से माता के शरीर के 51 पिंड कर दिए थे वो 51 पिंड पृथ्वी पर जा गिरे और वो  जहाँ जहाँ गिरे वहाँ वहाँ शक्ति पीठ बना और उन्ही 51 पिंडो में से माता की आंख का पिंड यही गिरा था जो वर्तमान समय मैं एक शक्ति पीठ के रूप स्थापित है इसी ताल के उत्तरी छोर पर नैना देवी का मंदिर हैं हुए उसी जगह माता शक्ति की पूजा होती है  इसी लिए जगह को नयन ताल भी कहते हैं। 

मेने आपको नैनीताल की सुंदरता और नैनीताल के पौराणिक इतिहास के बारे में अभिगत करवा दिया हैं लेकिन ये बात तो आप लोग भी मानते हो की सुंदरता को शब्दों मैं बयां नहीं किया जा सकता है 


नैनीताल घूमने का सबसे अच्छा समय। BEST TIME TO VISIT NAINTAL IN HINDI 

नैनीताल वैसे तो आप कभी भी जा सकते हो लेकिन रही बात एक दम सही समय की तो वो है मार्च से जनवरी तक का आप इन में अपनी पसंद के अनुसार जा सकते हैं क्यूंकि जिन्हे बर्फ का शौक है उन्हें नवम्बर से जनवरी मैं नैनीताल जाना चाहिए ज्यादातर पर्यटक मार्च से ही यहाँ आना शुरू हो जाते हैं । 

नैनीताल का मौसम। NAINITAL TEMPERATURE 

नैनीताल घूमने का सबसे अच्छा समय। BEST TIME TO VISIT NAINTAL IN HINDI
NAINITAL


नैनीताल का मौसम मार्च से जून तक 11 से 28 डिग्री तक  है इन दिनों नैनीताल का मशहूर त्यौहार भी मनाया जाता है जिसे फूल देई के नाम से जाना जाता है इस त्यौहार मैं इस मौसम के फूलो को तोड़ कर घरों के प्रवेश द्वार पर रखा जाता है क्यूंकि घर मैं समृद्धि और सौभाग्य आ सके इसीलिए ये त्यौहार मनाया जाता है। 

नैनीताल जुलाई से सितम्बर तक समय दो बातो के लिए जाना जाता हैं पहली बरसात और दूसरी नंदा देवी का मेला ये दोनों ही इस मौसम बहुत प्रसिद्ध हैं नैनताल में। 

अक्टूबर से फरवरी का समय बर्फ प्रेमियों के लिए सबसे अच्छा समय होता है क्यूंकि इस समय यहाँ का मौसम 0 से 15 डिग्री के बिच में रहता है जिसकी वजह से बर्फ़बारी शुरू होजाती है लेकिन ज्यादा समय तक नहीं रहती है सर्दियों के मौसम का आनंद उठाने का सबसे अच्छा समय यही होता है। 



पर्यटन स्थल ,नैनीताल। PLACES TO VISIT IN NAINITAL IN HINDI 

पर्यटन स्थल ,नैनीताल। PLACES TO VISIT IN NAINITAL IN HINDI
NAINITAL 


1. नैनी झील। NAINITAL 

2. भीम ताल। BHIM TAL 

3. नैना देवी मंदिर। NAINA DEVI TEMPLE 

4. द मॉल रोड। THE MALL ROAD 

5. स्नो व्यू पॉइंट। SNOW VIEW POINT 

6. टिफिन टॉप। TIFFIN TOP 

7. नैना पीक। NAINA PEAK 

8. एडवेंचर स्पोर्ट्स। ADVENTURE SPORTS 



नैनीताल कैसे पहुँचे। HOW TO REACH NAINITAL IN HINDI

1. हवाई जहाज से। BY AIR : नैनीताल के सबसे नजदीक हवाई अड्डा पंत नगर मैं  हैं जो करीब 65 किलोमीटर दूर है आप यहाँ से टेक्सी से नैनीताल पहुंच सकते हैं।  

2. रेल गाड़ी से। BY TRAIN :  यहाँ से सबसे पास रेलवे स्टेशन काठगोदाम का जो नैनीताल से करीब 35. किलोमीटर की दुरी पर है यहाँ से नैनीताल तक बस सेवाएं उपलब्ध है जिनसे आप नैनीताल आराम से पहुंच सकते है। 

3. सड़क से। BY ROAD : नैनीताल तक की यात्रा आप सड़क से बहुत ही सफलता से तय कर सकते हैं। 

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